पानी का मतलब
दुनिया को मतलब देना है
और आदमी को बचाना है
मतलबी होने से
पानी का मतलब
एक-तिहाई भू-भाग है
लेकिन घॅंूट भर की प्यास को
सूखने नहीं देना उससे भी बड़ी चुनौती है
पानी का मतलब
कविता में तैनात मतलब को छुटटी देना है
पानी का मतलब
'ठंडा मतलब कोका कोलाÓ नहीं
प्यास की वर्तनी को
बाजार बना देने की प्रवृत्ति के
खिलाफ होना है
सख्त खिलाफ।
नोट : यह कविता श्री प्रेमशंकर शुक्ल की है, जिसे मैंने किसी पत्रिका में पढ़ा था। मुझे अच्छी लगी। इसी कारण यहां पोस्ट कर रहा हँू।
शुक्रवार, 19 फरवरी 2010
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2 टिप्पणियाँ:
chhi kavita hai
achhi kavita hai
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