सोमवार, 3 मई 2010

एक नज़र इधर भी





































5 टिप्‍पणियां:

आनन्‍द पाण्‍डेय ने कहा…

क्‍या बात है गुरू। आखिर देश के चाचा का असली चेहरा सब के सामने आना ही था।

ये दोनों गांधी और नेहरू देश के सबसे बडे दलाल और चालबाज थे तो एक देश का बाप बन गया और दूसरा चाचा।


वाह रे खोटी जमात

chhattishgarh_neelam ने कहा…

insaan to insaan hai fir chahe vo nehru ho ya gandhi ab insani kamjoriyan to hongi hi na

बेनामी ने कहा…

सफेद कपड़े, कोल्हापुरी चप्पल, चुस्ती चूड़ीदार.....सब तो
धंधा है भाई। आखिर पैसे जो कमाने हैं। तो करना पड़ता
साहब । बाहर नेक बातें, अंदर.......सब गंदा है भई गंदा है।
ठीक ही है। वैसे आप और मैं.....हम सभी ऐसे ही हैं।
छोड़िए क्यों पुरानी पिटारे को खोल रहें। बंद ही रहने दें.....
वरना उसकी गंध एक नया गॉसिप छेड़ देगी।
दिल तो बच्चा है जी....... दीप्ति

arvind ने कहा…

viswa ke sabse maham vyaktitwa ke kuch achhe photo bhi mil jaayenge.yadi chaacha ke vaise photo dikhaaye to acchaa hai.vaise pt. nehru ke ye photo sach hai to bhi us mahan vyakti par ungali nahi uthana chaahiye.aakhir sabka vyaktigat life bhi hota hai.sigerate peekar our edvin ke saath ghulmilkar unhone desh ke saath gaddaari nahi ki.nehruji ne lagabhag 14 saal aajaadi ke liye jail me kaata. ho sake to vo photo daalen........

Shekhar Kumawat ने कहा…

bahut khub